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कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ को चà¥à¤¨à¤¤à¥€à¤‚ महिलाà¤à¤‚:3 महीने पर à¤à¤• डोज, गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियों से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसंद, रोज की à¤à¤‚à¤à¤Ÿ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा, अनचाही पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी से दूरी
à¤à¤• गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोली रोज खानी पड़ती है जो टेंशन की वजह बनती है। अगर à¤à¥‚ल जाओ तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने का डर सताने लगता है। इससे बचने का आसान तरीका है कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इंजेकà¥à¤¶à¤¨à¥¤ जो रोज गोली खाने के à¤à¤‚à¤à¤Ÿ से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ देता है। इससे जहां अपने शरीर को लेकर महिला आजाद रहती है, वहीं उसे अपने पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° के आगे शरीर की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को लेकर मिनà¥à¤¨à¤¤à¥‡à¤‚ नहीं करनी पड़तीं।
हर 3 महीने में लगता है इंजेकà¥à¤¶à¤¨
कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ होते हैं जो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी को रोकते हैं। नोà¤à¤¡à¤¾ सेकà¥à¤Ÿà¤°-110 के कमà¥à¤¯à¥‚निटी हेलà¥à¤¥ सेंटर में गायनाकोलॉजिसà¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° मीरा पाठक का कहना है कि यह इंजेकà¥à¤¶à¤¨ हर 3 महीने पर लगता है। जिन महिलाओं को कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पिलà¥à¤¸ लेने में दिकà¥à¤•त आती है या वह à¤à¥‚ल जाती हैं, उनके लिठयह इंजेकà¥à¤¶à¤¨ काफी फायदेमंद हैं। इस इंजेकà¥à¤¶à¤¨ को DMPA कहते हैं।
सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ तक नहीं पहà¥à¤‚चता
हर महीने महिलाओं के शरीर में à¤à¤— बनता है। कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लेने से पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ रिलीज होता है जो खून में मिलता रहता है। इससे सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल मà¥à¤¯à¥‚कस मोटा हो जाता है जो संबंध बनाने के दौरान सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® को महिला के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ नहीं करने देता।
पीरियडà¥à¤¸ के पहले या दूसरे दिन लगाया जाता है
डॉकà¥à¤Ÿà¤° मीरा पाठक के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यह इंजेकà¥à¤¶à¤¨ 99% असरदार है। इसे पीरियडà¥à¤¸ के पहले या दूसरे दिन लगाया जाता है। साथ ही महिला को यह बताया जाता है कि अगले 7 दिन तक अगर संबंध बनाà¤à¤‚ तो कॉनà¥à¤¡à¤® या डायाफà¥à¤°à¤® का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इंजेकà¥à¤¶à¤¨ 7 दिन बाद असर करना शà¥à¤°à¥‚ करता है।
इस इंजेकà¥à¤¶à¤¨ की सबसे अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि अगर किसी महिला ने इसे 1 अगसà¥à¤¤ को लगवाया है और 1 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर को किसी कारणवश नहीं लगवा पाई हैं तो 28 दिनों के अंदर कà¤à¥€ à¤à¥€ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवा सकती हैं।
तीन महीने बाद अगर इंजेकà¥à¤¶à¤¨ में 28 दिन का गैप आ जाठतो सबसे पहले महिला का पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी टेसà¥à¤Ÿ करवाया जाता है। अगर टेसà¥à¤Ÿ नेगेटिव आठतà¤à¥€ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगता है। लेकिन इसके बाद फिर से अगले 7 दिन तक संबंध बनाने के दौरान कॉनà¥à¤¡à¤® यूज करने की सलाह दी जाती है।
इस इंजेकà¥à¤¶à¤¨ को लगवाने के बाद à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी का चांस तà¤à¥€ बनता है जब डोज लेने के बाद 7 दिन के बीच असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ संबंध बनाठजाà¤à¤‚ या इंजेकà¥à¤¶à¤¨ को सही ढंग से या सही मातà¥à¤°à¤¾ में ना लगवाया जाà¤à¥¤ लेकिन अà¤à¥€ तक à¤à¤¸à¥‡ मामले सामने नहीं आठहैं।
डिलीवरी के 42 दिन के बाद लगाई जा सकती है डोज
कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ को डिलीवरी के 42 दिन के बाद लगवाया जा सकता है। इससे बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाने पर कोई असर नहीं पड़ता। जबकि अगर कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पिलà¥à¤¸ ली जाà¤à¤‚ तो दूध कम बन सकता है। वहीं, मिसकैरेज या अबॉरà¥à¤¶à¤¨ के केस में इसे तà¥à¤°à¤‚त लगवाया जा सकता है ताकि अगली पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी से बचा जा सकता है।
इन महिलाओं को नहीं लेने चाहिठइंजेकà¥à¤¶à¤¨
अगर किसी को हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, लंबे समय से डायबिटीज, बà¥à¤²à¤¡ कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग, बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, लिवर से जà¥à¥œà¥€ बीमारी या हारà¥à¤Ÿ अटैक आया हो तो उन महिलाओं को ये इंजेकà¥à¤¶à¤¨ नहीं लेने चाहिà¤à¥¤
मà¥à¤«à¥à¤¤ में लगते हैं इंजेकà¥à¤¶à¤¨
1960 में डेपो पà¥à¤°à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ नाम से कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ बनाया गया। अमेरिका में 29 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर 1992 को फूड à¤à¤‚ड डà¥à¤°à¤— à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से इसे अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ मिली। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में इस इंजेकà¥à¤¶à¤¨ को जून 1993 में डà¥à¤°à¤— कंटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤° जनरल ऑफ इंडिया से मंजूरी मिली। यहां इसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ परिवार नियोजन कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के तहत लॉनà¥à¤š किया गया।
सरकारी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ और कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ हेलà¥à¤¥ सेंटर में अंतरा नाम का कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ फà¥à¤°à¥€ में लगाया जाता है। वहीं मारà¥à¤•ेट में डेपो पà¥à¤°à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ बिकता है जो 406 रà¥à¤ªà¤ का मिलता है।
नेशनल हेलà¥à¤¥ सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अमेरिका में 23% महिलाà¤à¤‚ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवाती हैं।
नेशनल हेलà¥à¤¥ सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अमेरिका में 23% महिलाà¤à¤‚ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवाती हैं।
शरीर में कोई बदलाव नहीं आता
इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लेने के बाद शरीर में कोई बदलाव नहीं आता। कà¤à¥€-कà¤à¥€ किसी महिला का शरीर इसकी डोज से तà¥à¤°à¤‚त à¤à¤¡à¤œà¤¸à¥à¤Ÿ नहीं कर पाता। इस वजह से कà¤à¥€ à¤à¥€ बà¥à¤²à¤¡ सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग हो जाती है। पीरियडà¥à¤¸ à¤à¥€ कà¤à¥€-कà¤à¥€ कà¥à¤› समय के लिठ15 दिन तक चलते हैं, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ कम महिलाओं में देखा गया है।
मॉडरà¥à¤¨ तरीके अपना रहीं हैं à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ महिलाà¤à¤‚
फैमिली पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग 2020 की रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ में 1.39 करोड़ लड़कियां और महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• के नà¤-नठतरीके अपना रही हैं। इनमें कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ शामिल हैं। नेशनल फैमिली हेलà¥à¤¥ सरà¥à¤µà¥‡ (NFHS-5) 2019-21 के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ में गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• को लेकर जागरूकता बà¥à¥€ है। 67% महिलाà¤à¤‚ कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करती हैं। वहीं, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में साल 2019-2020 में 99496 महिलाओं ने कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ की डोज लगवाई।
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